बे मौसम बरसात से किसानों के चेहरे मुरझाये

बिलग्राम हरदोई :- मंगलवार रात से लगातार आठ घंटे हुई बरसात ने किसानों की धडकनों को और तेज कर दिया है क्योंकि खेत में खड़ी रबी की फसल को इस आसमानी बरसात ने गिरा कर चटाई कर दिया है जिससे किसानों की समस्याओं में और इजाफा हो गया है। किसानों का कहना है कि खेत में बारिश के कारण से गिरे हुए गेहूं सीधे नहीं हो पायेगे और उसमें न ही कुछ पैदावार होगी ऐसे ही आलू किसानों का कहना है कि जिन लोगों के आलू खुद गये हैं और अभी तक खेत में पड़े हैं वो अगर इस आसमानी बरसात से भीग गये हैं तो उन आलुओं में सडने की संभावना ज्यादा बढ़ जायेगी ऐसे आलू को बीज के लिए यदि शीतग्रह में भी रखा जायेगा तो भी ज्यादा सडेगा। वहीं फूल और फलों वाली फसलों की बात की जाये तो आकाशीय वर्षा से आम की फसलों पर बुरा असर पड़ा रहा है आम के पेड़ों से निकलने वाला बौंर इस बारिश के पानी से गिर रहा है जिसकी वजह से पेड़ों में आम कम लगने की संभावना जताई जा रही है कुल मिलाकर बात की जाये तो किसानों को आसमान में बादल के छाते ही अपने फसलो के बर्बाद होने की चिंता सताने लगती है।किसान आखिर करे भी तो क्या करे महंगाई के इस दौर में गिरवी गांठ कर जैसे तैसे किसान अपने खेतों को बोता है और जब उसकी फसल तैयार होने के करीब होती है। तो ऐसे में छुट्टा जानवर फसलों को चर जाते हैं। जब दिन और रातों को जागकर किसान अपनी फसलों को गउवंशो से बचाने मे कामयाब हो जाता है तो उसपर कुदरत की आसमानी आफत टूट पड़ती है जिसपर बेचारे किसानों का जोर नहीं चलता ऐसे में किसानों के आंखों मे डबडबाते आंसुओं को न तो सरकार देखती है और नहीं ही भगवान
क्राइम 7 न्यूज़ चैनल संदीप त्रिवेदी

Top